नोएडा के DM सुहास एलवाई ने रचा इतिहास, पैराओलिंपिक में देश का करेंगे प्रतिनिधित्व

गौतमबुद्धनगर के डीएम सुहास एलवाई टोक्यो में होने वाले पैराओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। उन्हें और मनोज सरकार को बाइपार्टाइट कोटा के तहत अगस्त में जापान के टोक्यो में होने वाले पैराओलिंपिक में एंट्री मिली है। पैरा बैडमिंटन टीम में इन दोनों के अलावा 5 और सदस्य हैं।

सुहास एलवाई 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं। एक आम खिलाड़ी से इतर सरकारी फाइलों से जूझने वाले अफसर के लिए राज्य या बहुत ज्यादा राष्ट्रीय स्तर तक खेल पाना ही संभव हो पता है, लेकिन प्रदेश के आईएएस अफसर और गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एलवाई ने इतिहास रचते हुए टोक्यो पैरालंपिक गेम्स के लिए अपना टिकट कटा लिया है।

वह देश के पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें पैराओलिंपिक में हिस्सा लेने का मौका मिला है। सुहास इससे पहले युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनैशनल टूर्नामेंट में कांस्य पदक और तुर्की इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट में पुरुष सिंगल्स का खिताब जीत चुके हैं।

वर्ल्ड रैंकिंग में तीसरे नंबर के शटलर सुहास कई अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक भी जीत चुके हैं। वह जकार्ता पैरा एशियन गेम्स-2018 में कांस्य पदक विजेता पुरुष टीम में शामिल थे। 2017 में टोक्यो में हुए जापान ओपन पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में उपविजेता रहे थे, जबकि युगल एसएल-4 वर्ग में कांस्य पदक जीता था।

गौतमबुद्धनगर जिले के जिलाधिकारी पैरा शटलर सुहास एलवाई यतिराज को पुरुष एकल एसएल4 में कोटा दिया गया है, जबकि मनोज सरकार ने पुरुष एकल एसएल3 में जगह बनाई है। वह विश्व नंबर-1 प्रमोद भगत के नेतृत्व वाली टीम में शामिल होंगे। दो पैरा शटलरों के जुड़ने से दो पुरुष एकल श्रेणियों में भारत की पदक संभावना को भी बढ़ावा मिला है। भारत के पास पहले से ही पुरुष एकल एसएल3 में भगत और पुरुष एकल एसएल4 इवेंट में तरुण ढिल्लों हैं।

हालांकि बीते दो सालों में कोरोना संक्रमण के चलते सुहास का अधिकतर समय नोएडा में स्थितियां सुधारने में बीता। उन्होंने अपना आखिरी टूर्नामेंट ब्राजील ओपन (जनवरी 2020) और पेरू ओपन (फरवरी 2020) के रूप में खेला जहां वे स्वर्ण जीतने में कामयाब रहे। इसी प्रदर्शन के आधार उनकी वर्ल्ड रैंकिंग तीन आ गई।

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