पति की शहादत के दिन बनाया मन, 29 मई को निकिता कॉल ने पहनी सेना की वर्दी

नारी चाहे तो क्या नहीं कर सकती. ऐसा ही कुछ देहरादून की निकिता कॉल ढौंढियाल ने कर दिखाया है. देहरादून निवासी मेजर विभूति ढौंढियाल जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे. जिसके बाद उनकी पत्नी निकिता ढौंढिला ने उनके सपने को साकार करने की ठान ली और बीते शनिवार को सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हो गईं. अपनी सारी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद निकिता ने 29 मई को आयोजित पीओपी में सेना की वर्दी पहनी.

दिसंबर 2019 में निकिता ने इलाहाबाद में वूमेन एंट्री स्कीम के तहत परीक्षा दिया था, जिसमें वो पास हो गई थी. जिसके बाद निकिता को चेन्नई की ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से कॉल लेटर भेजा गया. इसके साथ ही निकिता ने अपनी सारी ट्रेनिंग को पूरा करते हुए 29 मई को अपने लक्ष्य तक पहुंच ही गई. चेन्नई में अधिकारियों की प्रशिक्षण अकादमी में सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने निकिता के कंधों पर स्टार लगाए.

बता दें कि निकिता कॉल की शादी मेजर विभूति से 18 अप्रैल 2018 को हुई थी. वहीं जब मेजर विभूति शहीद हुए तो निकिता 8 माह की गर्भवती थीं. जब उन्हें पता चला की उनके पति शहीद हो चुके हैं उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया. जहां एक ओर मेजर विभूति की मां और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल हुआ जा रहा था, वहीं निकिता ने खुद को संभालते हुए खुद ही शव यात्रा की अगुवाई की.

अपने पति के शहादत दिवस पर निकिता ने कहा था कि जो चले गए उनसे कुछ सीखें, शहादत देने वालों से सीखना चाहिए. इसके बाद से ही निकिता ने सेना ज्वाइन करने की ठान ली. उन्होंने कहा था कि अपने पति के अधूरे काम को करने के बाद ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी. जिसके बाद 29 मई को विधि पूर्वक निकिता कॉल ढौंढियाल ने सेना में बतौर लेफ्टिनेंट अपनी जगह बना ही ली.

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