बड़ों से सीख कर बच्चे करते हैं ये गलतियां, जाने कैसे बच्चों को सही राह पर लाएं

By Prajjwal Kumar

बच्चों के लिए अक्सर कहा जाता है कि वो कच्ची मिट्टी के बने होते हैं, जिन्हें जैसे ढालो वैसे ढल जाते हैं. बच्चे अक्सर वही करते या बोलते हैं जो वो अपने बड़ों को करते या बोलते देखते हैं. ऐसी ही कई बुरी आदतें भी होती हैं जो बच्चे अपने परिवारजनों से अपना लेते हैं. आज हम बताएंगे इन्हीं आदतों के बारे में और इन्हें दूर करने के तरीके के बारे में.

फोन चलाने की लत

आज के ज्यादातर बच्चों में फोन चलाने की लत होती है. कुछ बच्चे तो इस कदर फोन के दीवाने हो जाते हैं कि बिना फोन के ना तो खाना खाना पसंद करते हैं ना ही सोना पसंद करते हैं. फोन के ज्यादा इस्तेमाल करने की वजह से बच्चों में चिड़चिड़ापन और आंख संबंधित बीमारी भी देखने को मिल जाती है. ऐसे में बच्चों के माता-पिता को ख्याल रखना चाहिए कि बच्चों के सामने कम से कम फोन का इस्तेमाल करें और उन्हें भी बाहरी दुनिया में व्यस्त रखने की कोशिश करें.

फिटनेस को इगनोर करना

अपने परिवार वालों को फिटनेस से दूरी बनाता देख कोई भी बच्चा फिटनेस की ओर ध्यान नहीं दे सकता. बच्चे अक्सर अपने आस-पास के लोगों से सीखते हैं. ऐसे में जब उनके परिजन ही अपनी फिटनेस और डाइट का ख्याल नहीं रखते तो वो भी इन बातों से दूरी बनाने लग जाते हैं. ऐसे में परिवार वालों को, खासकर बच्चों के माता-पिता को चाहिए की वो खुद भी वर्कआउट करें और बच्चों को भी प्रोत्साहित करें.

रात को देर तक जागना

आज की तारीख में कई पेरेंट्स की शिकायत होती है कि उनके बच्चे देर रात तक जागते हैं और सुबह देर तक सोते हैं. बच्चों के लिए एक हेल्दी नींद नहीं लेना काफी नुकसानदेह होता है. ज्यादातर बच्चों में ऐसी आदत अपने मां-बाप को देर रात तक जागते देखने की वजह से आ जाती है. ऐसे में बच्चों के पेरेंट्स को चाहिए कि वो अपने बच्चों के साथ-साथ ही अपना भी ख्याल रखें और नींद पूरी लें.

चिड़चिड़ापन

बच्चों में झुंझलाहट या चिड़चिड़ापन का होना आज आम बात हो गई है. अक्सर बच्चे चिल्लाते हैं या चीजों को इधर-उधर फेंक देते हैं. ऐसे में पेरेंट्स भी बच्चों से काफी परेशान हो जाते हैं. हालांकि, बच्चों में इस शिकायत का कारण भी बच्चों के पेरेंट्स ही होते हैं. बच्चों के सामने एक-दूसरे से झगड़ना या किसी से बहस करना, इन सब बातों का असर बच्चों पर काफी ज्यादा होता है. ऐसे में बच्चों के पेरेंट्स को चाहिए कि वो बहसबाजी से दूरी बनाएं और बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा खुशी के पल बिताएं.

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