बिना मर्जी के भी कुछ लोग शादी के बंधन में बंध जाते हैं, जानें इसके पीछे की 4 वजह

विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली, दुनिया चांद पर पहुंच गई लेकिन अभी भी लोग शादी जैसा अहम निर्णय केवल अपनी मर्जी से नहीं लेते हैं. इस निर्णय में भी वो पहले दुनिया वालों की सुनते हैं. जबकि शादी पूरी जिंदगी का साथ होता है और जब आप किसी ऐसे इंसान से मिलते हैं, जिसे देखकर आपको लगता है कि यहीं वो है जिसके साथ मुझे पूरी जिंदगी बितानी है, तभी शादी करनी चाहिए.

कई बार युवक-युवतियां केवल इसलिए शादी कर लेते हैं क्योंकि उनके माता-पिता ऐसा चाहते हैं या फिर समाज उन्हें ऐसा करने के लिए कहता है. इस तरह की शादी करने के बाद हो सकता है आप पूरी जिंदगी किसी ऐसे इंसान के साथ बिताने के लिए मजबूर हो जाएं जिसे न आप प्यार करते हैं और नहीं पसंद करते हैं. तो आइए जानते हैं कि वो कौन से कारण होते हैं जिनके दबाव में लोग शादी जैसा अहम निर्णय ले लेते हैं.

प्यार में धोखा खाने के बाद

अधिकतर लड़के-लड़कियां केवल इसलिए शादी कर लेते हैं क्योंकि वो एक बार प्यार में धोखा खा चुके होते हैं. दोबारा ऐसी परिस्थिति न आए इससे बचने के लिए वो किसी भी इंसान से चाहे वो उनके लिए सही हो या नहीं बस शादी कर लेते हैं.

आर्थिक मजबूती के लिए

आपको यकीन नहीं होगा लेकिन बड़े शहरों में रहने वाली लड़कियां केवल इसलिए शादी करती हैं क्योंकि उनको लगता है कि ऐसा इंसान जो आर्थिक रूप से मजबूत है उसके साथ शादी करने से उनका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा. भले ही वो उस लड़के से प्यार करे या नहीं.

भाईयों-बहनों में सबसे बड़े हैं होने पर

भारतीय समाज में शादी को लेकर सबसे ज्यादा नुकसान बड़े बच्चे को उठाना पड़ता है. क्योंकि अधिकतर अभिभावकों को लगता है कि अगर बड़ी बेटी की शादी पहले नहीं की तो लोग क्या कहेंगे. इस चक्कर में वो बिना जाने कि बेटी का शादी का मन है भी या नहीं बस शादी कर देते हैं.

शादी एक परंपरा है

कुछ लोगों के लिए शादी का मतलब केवल एक परंपरा होता है. उनके लिए शादी करना एक जिम्मेदारी है जबकि बहुत से ऐसे लोग हैं जो बिना शादी के ही खुश हैं. तो अगली बार जब शादी का ख्याल मन में आए तो उसकी वजह केवल परंपरा न हो.

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