मिल्खा सिंह की वो लव स्टोरी जिससे लोग हैं अनजान, 59 सालों तक दोनों ने निभाया साथ

दुनिया भर में ‘द फ्लाइंग सिख’ के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले मिल्खा सिंह की बात करें, तो शायद ही मिल्खा की पूरी छवी को फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में दिखाया जा सका. मिल्खा सिंह की कहानी के कुछ पन्नों से लोग आज भी बेखबर. आज हम आपको बताएंगे मिल्खा सिंह की ही जिंदगी के कुछ ऐसे पन्नों के बारे में जिसे बहुत कम लोग ही जानते हैं.

मिल्खा सिंह पहले ऐसे एथलीट हैं, जिन्होंने एशियन और कॉमनवेल्थ गेम में 400 मीटर की रेस दौड़ के गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. खेल और उनके करियर के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर के साथ उनकी पहली मुलाकात 1955 में श्रीलंका में हुई थी, जब दोनों एक टूर्नामेंट का हिस्सा बनें थे. एक ओर निर्मल कौर महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान थी, तो वहीं मिल्खा एथलेटिक्स टीम का हिस्सा था. मिल्खा ने जब निर्मल को एक मीटिंग के दौरान पहली बार देखा था तब ही उन्हें पहली नजर का प्यार हो गया था.

उस दौरान ही दोनों में घंटों बातें हुई थी. जिसके बाद कहते हैं कि मिल्खा ने कोई कागज नहीं मिलने पर निर्मल कौर के हाथ पर अपने कमरे का नंबर लिखा था. जिसके बाद दोनों 1958 में दोबारा मिले. हालांकि, इनकी लव स्टोरी की गाड़ी 1960 में पटरी पर पहुंची. तब तक मिल्खा ने भी अपना नाम बना लिया था और दोनों ने एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना शुरू कर दिया था.

दोनों को लेकर चर्चाएं भी काफी होने लगी, लेकिन शादी के लिए दोनों को अपने परिवारों को समझा पाना काफी मुश्किल रहा. इतना ही नहीं, उनकी शादी करवाने के लिए उस वक्त के पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह को दोनों के परिवारों को समझाने के लिए आगे आना पड़ा था. जिसके बाद साल 1962 में दोनों ने शादी कर ली थी. इसके साथ ही दोनों ने अपना सारा जीवन एक-दूसरे के नाम कर दिया था.

बताते चलें कि 13 जून को निर्मल मिल्खा सिंह की कोरोना की वजह से मौत हो गई थी. जिसके ठीक पांच दिनों बाद 18 जून को मिल्खा सिंह ने भी कोरोना की वजह से अपनी आखिरी सांस ली. दोनों 59 साल तक के लिए एक-दूसरे के हो कर रहे और जब दुनिया को त्यागने का वक्त आया तो दुनिया भी साथ में त्याग दिया.

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