मां बनने के लिए खुद को मानसिक तौर पर करना चाहती हैं तैयार, तो ये काम जरूर करें

मां बनना कोई आसान काम नहीं. वहीं जब मां बनने की बात आती है तो महिलाओं को शारीरिक तौर के साथ ही साथ मानसिक तौर पर भी तैयार होनी की जरूरत होती है. मानसिक तौर पर तैयार होने के बाद किसी भी महिला के लिए 9 महीने का सफर बर्दाश्त कर पाना आसान हो जाता है. इससे महिलाएं पोस्टमार्टम डिप्रेशन जैसी परेशानियों से भी बच सकती हैं. तो आइए आपको बताते हैं मां बनने के लिए मानसिक तौर पर खुद को कैसे तैयार करें.

इमोशनल हेल्थ का रखें ख्याल

ज्यादातर महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान अपने फिजिकल हेल्थ का तो ध्यान रखती हैं, लेकिन अपने इमोशनल हेल्थ को अनदेखा कर देती हैं. जो होने वाले बच्चे के लिए बिलकुल भी सही नहीं है. इमोशनल स्ट्रेस का असर मां के साथ ही बच्चों पर भी पड़ता है. इससे बचने के लिए आप चाहे तो पेरेंटिंग क्लास लें या अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें.

स्ट्रेस लेने से बचें

स्ट्रेस लेना मां के साथ ही बच्चे के लिए भी काफी हानिकारक साबित हो सकता है. इसलिए कोशिश करें कि कम से कम स्ट्रेस लें. और ऐसी कोई बात आपको परेशान कर रही है तो इस बारे में अपने पार्टनर या अपने घरवालों से बात करें.

घरवालों या दोस्तों से उनके प्रेग्नेंट होने की कहानी सुनें

घरवालों या किसी अपने से उनके प्रेग्नेंट होने की कहानी सुनना आपके प्रेगनेंसी के वक्त आपको काफी राहत पहुंचा सकता है. ऐसा करने से आपको हिम्मत मिलेगी और आप बच्चे को लेकर स्ट्रेस कम लेंगी.

अपनों के साथ रहें

प्रेग्नेंसी किसी भी महिला की जिंदगी का एक बेहद ही अनोखा और संदर मोड़ है. और ऐसे मोड़ में अकेले नहीं रहना चाहिए. ऐसे में जितना ज्यादा हो सके अपनों के बीच रहें और ज्यादा से ज्यादा अपनों से बात करें.

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